ग़ाज़ियाबाद

संशोधित यूजीसी प्रावधानों के विरोध में सवर्ण महासभा का ऐलान-गाजियाबाद में बैठक कर नए प्रावधानों को बताया काला कानून

गाजियाबाद। संशोधित विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के प्रावधानों के विरोध में सवर्ण महासभा ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। इसी मुद्दे को लेकर गाजियाबाद के अंबेडकर रोड स्थित सिटी होटल में सवर्ण महासभा के तत्वावधान में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें समाज के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। बैठक में यूजीसी के नए प्रावधानों का विरोध करते हुए सरकार से उन्हें तत्काल वापस लेने की मांग की गई। बैठक के दौरान सवर्ण महासभा के प्रवक्ता बीके शर्मा ‘हनुमान’ ने कहा कि नए यूजीसी प्रावधानों से शिक्षा व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और समाज में जाति व वर्ग के आधार पर विभाजन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह व्यवस्था सामाजिक समरसता और समान अवसर की भावना के विपरीत है।
उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज इस मुद्दे को लेकर गंभीर है और जल्द ही गाजियाबाद में एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोग एकत्र होकर इस निर्णय के खिलाफ आवाज उठाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने इन प्रावधानों को वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। महासभा के संयोजक सेवाराम त्यागी, वी.के. अग्रवाल, विनय कक्कड़, विवेक तोमर और सुरेश शर्मा ने संयुक्त रूप से कहा कि सवर्ण महासभा इस मुद्दे पर अब चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने कहा कि संगठन समाज के हितों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से संघर्ष करेगा और सरकार पर दबाव बनाएगा कि वह यूजीसी के इन प्रावधानों पर पुनर्विचार करे। बैठक में वक्ताओं ने यह भी कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार का ऐसा निर्णय नहीं होना चाहिए, जिससे समाज के किसी वर्ग के साथ अन्याय की भावना पैदा हो। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य सभी को समान अवसर प्रदान करना होना चाहिए। महासभा के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि यूजीसी के माध्यम से लाए गए प्रावधानों से सवर्ण समाज के बच्चों के भविष्य पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस मुद्दे का समाधान नहीं किया गया तो समाज व्यापक स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि सवर्ण समाज अब अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हो चुका है और किसी भी प्रकार के अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि समाज की एकजुटता के बल पर सरकार को इस विषय पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया जाएगा। इस अवसर पर स्वरूपचंद शर्मा, हरिओम त्यागी, उमेश गर्ग, नरेंद्र गुप्ता ‘नंदी’, राकेश गुप्ता, सतीश चोपड़ा, कुलदीप शर्मा, कल्याण देव त्यागी, प्रेमचंद त्यागी, धनप्रकाश त्यागी, अनिल त्यागी, सोमेंद्र त्यागी, हरिओम त्यागी, राकेश शर्मा, मनोज त्यागी, श्रद्धानंद त्यागी, देवेंद्र शर्मा, संजय चौहान, अशोक भारतीय, एन.के. गोयल, आर.के. गोयल, बृजमोहन त्यागी, सुरेंद्र पाल त्यागी, एस.के. मिश्रा, डॉ. एस.के. शर्मा, सुनील निगम, प्रभात त्यागी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। बैठक के अंत में सवर्ण महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि आने वाले दिनों में महापंचायत के माध्यम से इस मुद्दे को और व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा और समाज के लोगों को इसके लिए एकजुट किया जाएगा।

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