यूजीसी के विरोध में जंतर-मंतर पर सवर्ण महासभा का प्रदर्शन-प्रदर्शन की अनुमति रद्द होने और कई कार्यकर्ताओं के हाउस अरेस्ट के बावजूद दिल्ली पहुंचे समर्थक

गाजियाबाद/नई दिल्ली। सवर्ण महासभा के तत्वावधान में रविवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर यूजीसी के विरोध में शक्ति प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें गाजियाबाद सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल होने के लिए पहुंचे। संगठन का दावा है कि प्रदर्शन को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा कई तरह की पाबंदियां लगाई गईं, इसके बावजूद समर्थक जंतर-मंतर तक पहुंचने में सफल रहे। सवर्ण महासभा के अनुसार गाजियाबाद से हजारों लोगों को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचना था। इसके लिए कविनगर रामलीला मैदान से ब्रह्मऋषि विभूति बीके शर्मा हनुमान के नेतृत्व में दर्जनों वाहनों का काफिला दिल्ली के लिए रवाना हुआ। संगठन का आरोप है कि रास्ते में कई जगहों पर पुलिस ने वाहनों को रोककर कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, जबकि कुछ को हाउस अरेस्ट भी किया गया। इसके बावजूद कई वाहन जंतर-मंतर तक पहुंचने में सफल रहे और वहां विरोध प्रदर्शन किया गया। जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान सवर्ण महासभा के प्रवक्ता ब्रह्मऋषि विभूति बीके शर्मा हनुमान ने प्रशासन की कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि सामाजिक मुद्दों पर आवाज उठाने वाले लोगों को रास्ते में रोकना और गिरफ्तार करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज के युवाओं के भविष्य और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर यह आंदोलन किया जा रहा है और यूजीसी से संबंधित प्रावधानों को वापस लेने की मांग की जा रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने इन मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा। संगठन के अन्य पदाधिकारियों ने भी प्रदर्शन के दौरान अपने विचार व्यक्त किए और कहा कि समाज के अधिकारों और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा। इस दौरान संयोजक वी.के. अग्रवाल, मनोज त्यागी, सेवाराम त्यागी, सहसंयोजक सतीश चोपड़ा, पंडित आरसी शर्मा, संजय अग्रवाल, मास्टर स्वरूपचंद शर्मा, विनोद कुमार और कृपानिधान तिवारी सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।


