आध्यात्मग़ाज़ियाबाद

महाशिवरात्रि पर दूधेश्वर धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, देश-विदेश से पहुंचे लाखों श्रद्धालु, जलाभिषेक के लिए लगी लंबी कतारें

गाजियाबाद। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में रविवार को देश-विदेश से आए भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर परिसर ही नहीं आसपास का पूरा क्षेत्र  ‘हर-हर महादेव’ और  ‘जय बाबा दूधेश्वर के जयकारों से गूंज उठा। जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की कतारें शंभू दयाल इंटर कॉलेज से आगे तक पहुंच गईं। मंदिर के पीठाधीश्वर, जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के पावन सानिध्य में महादेव का विशेष पूजन-अर्चन और जलाभिषेक किया गया। महाराजश्री ने महादेव एवं माता पार्वती के स्वरूप के साथ भगवान दूधेश्वर का अभिषेक किया तथा मंदिर में विराजमान देवी-देवताओं और गुरु मूर्तियों की भी पूजा की। प्राचीन देवी मंदिर द्वारका पुरी दिल्ली गेट के महंत गिरिशानंद गिरि महाराज ने आरती की। कपाट खुलते ही जस्सीपुरा, कैलाश नगर और जीटी रोड तक जयकारों की गूंज फैल गई। मंदिर के मीडिया प्रभारी पिंटू सुथार के अनुसार जलाभिषेक के लिए लाखों श्रद्धालुओं को घंटों कतारों में प्रतीक्षा करनी पड़ी, लेकिन उत्साह कम नहीं हुआ। बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग भजनों का गायन करते हुए वातावरण को भक्तिमय बनाते रहे। जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम के सहयोग से व्यवस्थाएं सुचारु रहीं, जिससे भारी भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं को दर्शन में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हुई। महाशिवरात्रि पर वीआईपी श्रद्धालुओं की भी उपस्थिति रही। सांसद अतुल गर्ग, विधायक संजीव शर्मा, भाजपा महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, पूर्व महापौर आशु वर्मा तथा जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ ने सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने भी जलाभिषेक कर आशीर्वाद प्राप्त किया। तीन दिवसीय महाशिवरात्रि महोत्सव मंदिर प्रशासन एवं श्री दूधेश्वर विकास समिति के अध्यक्ष अनुज गर्ग की देखरेख में ऐतिहासिक रूप से सफल रहा। भक्तों के लिए प्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई। महाराजश्री ने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों, पुलिस, मीडिया, स्वयंसेवकों और सभी भक्तों का पर्व को सफल बनाने के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर भगवान दूधेश्वर का भव्य श्रृंगार 501 किलो फल-फूलों से किया गया तथा 56 भोग अर्पित किए गए। भगवान शिव की बारात जस्सीपुरा मोड़ से निकाली गई, जिसमें शिवगण, देवी-देवताओं के स्वरूप और भक्तों की आकर्षक झांकियां शामिल रहीं। मंदिर पहुंचने पर बारात का भव्य स्वागत हुआ और विधि-विधान से भगवान शिव व माता पार्वती का विवाह सम्पन्न कराया गया। भजन संध्या के साथ कार्यक्रम का समापन भक्तिमय वातावरण में हुआ। महाशिवरात्रि पर्व पर उमड़ी आस्था और अनुशासित व्यवस्थाओं ने दूधेश्वर धाम की धार्मिक महिमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया।

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