पासपोर्ट कार्यालय में मुफ्त दंत जांच शिविर से सैकड़ों को राहत, विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दी नि:शुल्क सेवाएं

गाजियाबाद। आमतौर पर पासपोर्ट सेवाओं से जुड़े कार्यों के लिए पहचाने जाने वाले क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में इस बार एक अलग और सराहनीय पहल देखने को मिली, जब यहां स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए नि:शुल्क दंत जांच शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर आईटीएस डेंटल कॉलेज के सहयोग से मंगलवार को पासपोर्ट सेवा केंद्र साहिबाबाद तथा बुधवार को क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय गाजियाबाद में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस पहल ने न केवल कार्यालय में आने वाले लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया, बल्कि उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सकों से सीधे परामर्श का अवसर भी प्रदान किया। इस दो दिवसीय शिविर के दौरान ढ्ढञ्जस् डेंटल कॉलेज के अनुभवी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने बड़ी संख्या में लोगों की दंत जांच की। शिविर में कार्यालय के कार्मिकों के साथ-साथ पासपोर्ट के लिए आए आवेदकों, सफाई मित्रों, सुरक्षा कर्मियों और अन्य सहयोगी कर्मचारियों को नि:शुल्क जांच और परामर्श सेवाएं दी गईं। इसके अलावा, आसपास के विभिन्न केंद्र सरकार के कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों ने भी इस शिविर का लाभ उठाया। डॉक्टरों ने न केवल दांतों की जांच की, बल्कि जरूरतमंद लोगों को आगे के उपचार के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए।
शिविर का एक महत्वपूर्ण पहलू दंत स्वास्थ्य से जुड़ी जागरूकता कार्यशाला रही, जिसमें विशेषज्ञों ने लोगों को दांतों की सही देखभाल, स्वच्छता बनाए रखने के तरीके और सामान्य दंत समस्याओं से बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला के दौरान यह भी बताया गया कि छोटी-छोटी लापरवाहियां किस तरह गंभीर दंत समस्याओं में बदल सकती हैं और नियमित जांच से इनसे कैसे बचा जा सकता है। उपस्थित लोगों ने इस सत्र को बेहद उपयोगी बताया और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की मांग की। इस अवसर पर क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी अनुज स्वरूप, भारतीय विदेश सेवा ने बताया कि इस विशेष शिविर का उद्देश्य केवल स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना ही नहीं, बल्कि लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी था। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग अपनी व्यस्त दिनचर्या के कारण दंत स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बाद में गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं। ऐसे में इस तरह के शिविर समय-समय पर आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने आईटीएस डेंटल कॉलेज की पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग के बिना इस शिविर का सफल आयोजन संभव नहीं था। कॉलेज की टीम ने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी सेवाएं प्रदान कीं, जो सराहनीय है। इस आयोजन ने यह भी साबित किया कि सरकारी कार्यालय केवल प्रशासनिक कार्यों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभा सकते हैं। शिविर में शामिल लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की सुविधाएं आमतौर पर आसानी से उपलब्ध नहीं हो पातीं। नि:शुल्क जांच और विशेषज्ञ सलाह मिलने से उन्हें काफी लाभ हुआ है। कई लोगों ने बताया कि वे लंबे समय से दंत समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे थे, लेकिन इस शिविर के माध्यम से उन्हें समय पर परामर्श मिल सका। कुल मिलाकर, यह दंत जांच शिविर न केवल एक स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम था, बल्कि यह एक जागरूकता अभियान के रूप में भी सफल रहा। इसने यह संदेश दिया कि स्वास्थ्य के प्रति सतर्कता और नियमित जांच बेहद जरूरी है। भविष्य में भी इस तरह के आयोजनों से समाज के विभिन्न वर्गों को लाभ मिलता रहेगा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का दायरा और व्यापक होगा।



