नव-निर्मित वैदिक यज्ञशाला अडींग में 150 कुण्डीय वैदिक महायज्ञ 14-15 मार्च को

मथुरा/गोवर्धन। आर्य समाज मंदिर अडींग में आर्य समाज की स्थापना के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में तथा नव-निर्मित वैदिक यज्ञशाला के उद्घाटन के अवसर पर 14 और 15 मार्च 2026 को दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के अंतर्गत 150 कुण्डीय वैदिक महायज्ञ एवं भारतीय संस्कृति ज्ञान सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश के प्रधान आचार्य स्वदेश जी महाराज होंगे। इस अवसर पर वृन्दावन गुरुकुल के अधिष्ठाता एवं आर्यवीर दल उत्तर प्रदेश के प्रधान पंकज आर्य, उप प्रतिनिधि सभा मथुरा के प्रधान विपिन बिहारी शास्त्री, स्वामी महेन्द्रानन्द सरस्वती (शाहजहाँपुर) तथा आर्य भजनोपदेशक कुं. उदयवीर सिंह सहित अन्य विद्वान अपने विचार व्यक्त करेंगे।
आयोजकों के अनुसार नव-निर्मित यज्ञशाला का उद्देश्य प्राचीन वैदिक परम्पराओं का संरक्षण एवं संवर्धन करना है। यज्ञ को केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं बल्कि वातावरण को शुद्ध करने और मानसिक शांति प्रदान करने वाली प्रक्रिया भी माना जाता है। औषधियों एवं घी की आहुतियों से वातावरण पवित्र और सुगन्धित होता है, जिससे पर्यावरण शुद्धि में भी सहायता मिलती है।
उल्लेखनीय है कि महर्षि दयानंद सरस्वती ने 10 अप्रैल 1875 को मुंबई के गिरगांव में आर्य समाज की स्थापना की थी। इसका उद्देश्य वैदिक धर्म का पुनरुत्थान तथा समाज से कुरीतियों को दूर करना था।
आर्य समाज अडींग के कार्यकर्ता शिवदीप अग्रवाल ने क्षेत्र के धर्मप्रेमी नागरिकों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर यज्ञ में भाग लेने की अपील की है।


