जनता दर्शन में पीडि़तों की सुनवाई, मौके पर समाधान और योजनाओं का लाभ सुनिश्चित-दुर्घटना से टूटे परिवार को मिली राहत, रेड क्रॉस से 50 हजार की मदद के निर्देश

गाजियाबाद। कलेक्ट्रेट परिसर में गुरुवार को आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने एक बार फिर संवेदनशील प्रशासन का उदाहरण पेश किया। जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादियों की समस्याएं गंभीरता से सुनी गईं और कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। जिलाधिकारी की सक्रिय कार्यशैली के चलते जनता दर्शन आम लोगों के लिए उम्मीद का केंद्र बनता जा रहा है। जनता दर्शन में दिव्यांग, गरीब, असहाय और पीडि़त वर्ग के लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं। जिलाधिकारी ने उनकी स्थिति को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल अंत्योदय राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। इसी दौरान कृष्णानगर निवासी श्रीमती परमील ने बेहद भावुक अपील करते हुए बताया कि एक सड़क दुर्घटना में उनके परिवार के कई सदस्यों-दामाद, दो नातिनों और एक पुत्र की मृत्यु हो चुकी है, जबकि दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हैं। पहले ही पति के हादसे के बाद परिवार आर्थिक रूप से टूट चुका है। उन्होंने कहा, ‘अब कोई सहायता नहीं कर रहा, डीएम साहब बस अब आपका ही सहारा है। जिलाधिकारी ने पूरी संवेदनशीलता के साथ उनकी बात सुनी और तत्काल मुख्य चिकित्सा अधिकारी को रेड क्रॉस के माध्यम से 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही जिला पूर्ति अधिकारी को अंत्योदय राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनवाने के आदेश दिए। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री राहत कोष से भी मदद दिलाने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया। जनसुनवाई के दौरान राजस्व, जीडीए, नगर निगम, विद्युत, स्वास्थ्य और निर्माण विभाग से संबंधित अनेक शिकायतें प्राप्त हुईं। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि ‘जनता दर्शन’ की मॉनिटरिंग सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय, उत्तर प्रदेश से लाइव कनेक्टिविटी के माध्यम से की जा रही है। जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रत्येक कार्यदिवस सुबह 10 से 12 बजे तक जन शिकायतें सुनें और ऑनलाइन माध्यम से भी जुड़े रहें। जनता दर्शन के दौरान कई शिकायतों का मौके पर समाधान किया गया, जबकि अन्य मामलों में संबंधित अधिकारियों से तत्काल संपर्क कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट, एडीएम (एल/ए), एडीएम सिटी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। वहीं मोदीनगर के एक युवक ने अपनी बहन की शिक्षा के लिए मदद की गुहार लगाई, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। युवक ने जिलाधिकारी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उनकी समस्या को गंभीरता से सुना गया और समाधान का भरोसा मिला।



