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पूर्णानंद घाट, जानकीपुल से खारा स्रोत तक पर चलाया गया गंगा स्वच्छता अभियान

वी योग स्वच्छ गंगा अभियान की महिलाओं और विश्व प्रसिद्ध प्रथम महिला गंगा आरती की महिलाओं ने पूर्णानंद घाट, जानकीपुल से खारा स्रोत तक गंगा घाट पर स्वच्छता अभियान को धार देकर स्वच्छ गंगा का संदेश प्रसारित किया।
पूर्णानंद घाट, जानकीपुल और पर्यटकों से अपील किया कि गंगा घाटों को स्वच्छ रखने में मदद करें जब गंगा स्वच्छ होगी तो हम सभी स्वस्थ होंगे एवं एवं गंगा दर्शन भी सुगम होगा।  मौके पर मौजूद लोगों को कूड़े के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए प्लास्टिक व पॉलीथिन का उपयोग नहीं करने की अपील भी की गई। गंगा नदी में साबुन, शैंपू, सर्फ आदि का उपयोग न करें। गंगा तट के किनारे मल्टी लेयर वाले पैकेट, प्लास्टिक की थैली, शैंपू का पाउच, अगरबत्ती, थर्माेकोल, हार्ड प्लास्टिक, के प्लास्टिक आदि इकट्ठा किया गया।
वी योग स्वच्छ गंगा अभियान अध्यक्ष सत्य भामा बहुगुणा गंगा ने कहा कि नदी करोड़ों लोगों के साथ ही कई वन्य जीवों का भरण-पोषण करती है। ऐसे में यह सबकी जिम्मेदारी है कि कूड़े का निस्तारण कर मां गंगा को स्वच्छ और निर्मल रखें।
ऋषिकेश गंगा आरती ट्रस्ट के अध्यक्ष हरिओम शर्मा ज्ञानी जी ने कहा कि केवल सरकारी प्रयास ही क्लीन गंगा मिशन के लिए पर्याप्त होगा? नदियों को प्रदूषण से मुक्त रखने की बात तो सभी करते हैं, लेकिन इसके लिए प्रयास कुछ ही लोग करते हैं। मूर्तियों और फूलों समेत तमाम पूजा सामग्रियों को नदी में प्रवाहित कर दिया जाता है। एक ओर हम स्वच्छता की शपथ लेते हैं और दूसरी ओर स्वयं प्रदूषण का कारण बनते हैं। हमें याद रखना चाहिए कि गंगा तट देवभूमि होती है। अगर हर व्यक्ति समझ जाए कि गंगा सहित अन्य नदियों में प्रदूषण रोकना सबकी जिम्मेदारी है तो यह समस्या इतनी गंभीर न होगी। आज का एक आम नागरिक सोचता है कि गंगा सफाई अभियान केवल सरकार की ही जिम्मेदारी है, उसका इससे कोई सरोकार नहीं है। सभी अपने कर्तव्यों को भूलकर केवल सरकार को कोसता रहे, यह नागरिक समाज का परिचायक नहीं है।
गंगा स्वच्छता अभियान में मुख्य रूप से वी योग स्वच्छ गंगा अभियान अध्यक्ष सत्य भामा बहुगुणा, सचिव मदालसा रतूड़ी महामंत्री सरस्वती रावत, डॉ. ज्योति शर्मा, धनेश्वरी पायल, आशा डंग, ऐला रावत, कमलेश्वरी नेगी, कौरी महर, लक्ष्मी बुटोला, मधुलता रतूड़ी, वंदना, गायत्री और प्रमिला आदि महिलाओं ने गंगा स्वच्छता बचाने की अपील की।

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