रमजान माह के चौथे शुक्रवार को उमड़े अकीदतमंद

रमजान महीने में शबे क़द्र की तलाश करो-मौलाना मो जैद
संतकबीरनगर। पवित्र माहे रमजान के चौथे जुमा को मस्जिदों में शांति अकीदत और एहतराम से नमाज अदा की गई। छोटी बड़ी सभी मस्जिदें रोजेदारों नमाजियों से भरी रही। मस्जिदों में निश्चित समय पर नमाज जुमा अदा की गई। सेमरियावां दुधारा क्षेत्र के सेमरियावां,दुधारा,करही,बाघनगर, उसरा शहीद,दरियाबाद, मुंडाडीह , चिउटना ,महदेव,बिग्रामीर,सलाहपुर, कोहरियावां , अगया आदि स्थानों पर नमाज पढ़ी गई।
जामा मस्जिद सेमरियावां में मौलाना मो अरशद कासमी ने नमाज पढ़ाई।मदनी मस्जिद सेमरियावां में कारी नसीरुद्दीन ने नमाज पढ़ाई।
नमाज अदा करने के बाद रोजेदारों ने चौराहों पर जमकर खरीदारी की।
मदनी मस्जिद में मौलाना मो जैद नदवी ने कहा माहे रमजान के आखिरी अशरा शुरू हो गया है।इसकी रातें बहुत अमूल्य है।
रातों में ज्यादा से ज्यादा इबादत करें।पवित्र धर्म ग्रन्थ कुरआन पढ़ें।दुआ करें।रात में तहज्जुद की विशेष नमाज पढ़े। सज्दे लंबा करें।गुनाहों की माफी मांगें। यह रात हजार महीनों से बेहतर है।
रसूलुल्लाह सलल.ने फरमाया:
शब-ए-क़द्र को रमज़ान के आख़िरी अशरे की ताक़ रातों में ढूंढो।यानी 21वीं, 23वीं, 25वीं, 27वीं और 29वीं रात में बहुत बरकत है।ये दुआ करें।
ऐ अल्लाह! बेशक तू बहुत माफ़ करने वाला है, माफी को पसंद करता है, इसलिए मुझे भी माफ़ फरमा दे।
शबे क़द्र की रात में इस दुआ को ज्यादा से ज्यादा पढ़ना चाहिए। साथ ही नमाज़, तिलावत और इस्तिग़फार भी करना चाहिए।



