यूपी बोर्ड परीक्षा:

119 केंद्रों पर लाइव मॉनिटरिंग, छह सचल दल और कंट्रोल रूम से रहेगा कड़ा पहरा
सिद्धार्थनगर। 18 फरवरी से शुरू हो रही हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं के लिए जिला प्रशासन ने बहुस्तरीय निगरानी तंत्र स्थापित किया है। इसका उद्देश्य परीक्षाओं को नकलविहीन, पारदर्शी और अनुशासित तरीके से संपन्न कराना है। जिले के सभी 119 परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके अतिरिक्त, एक कंट्रोल रूम और सचल दल भी सक्रिय रहेंगे।
जिला मुख्यालय स्थित राजकीय पुस्तकालय सिद्धार्थनगर में एक केंद्रीय कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां से सभी परीक्षा केंद्रों की लगातार निगरानी की जाएगी। कंट्रोल रूम का मुख्य कार्य शिकायतों का त्वरित निस्तारण, आकस्मिक स्थितियों में तत्काल कार्रवाई और नकल पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना है। यह कंट्रोल रूम दो शिफ्टों में संचालित होगा, जिसमें माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग के कुल 28 शिक्षक तैनात रहेंगे।परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए जिले में छह सचल दल गठित किए गए हैं। ये दल परीक्षा अवधि के दौरान सभी 119 केंद्रों पर औचक निरीक्षण करेंगे और व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। जिले की पांचों तहसीलों में अलग-अलग सचल दस्ते तैनात किए गए हैं। एक अतिरिक्त दस्ता बिना किसी पूर्व सूचना के रैंडम आधार पर किसी भी केंद्र पर पहुंचेगा, ताकि नकल कराने वाले गिरोह या लापरवाह कर्मचारियों को सतर्क होने का मौका न मिले।
इस वर्ष जिले में कुल 64,910 परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की गरिमा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। सचल दलों को परीक्षा कक्षों की स्थिति, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, डबल लॉक अलमारी की जांच, सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली और केंद्र व्यवस्थापकों की भूमिका की गहन जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक अरुण कुमार ने बताया कि परीक्षा के दौरान केंद्रीय कंट्रोल रूम से सभी केंद्रों पर निरंतर संवाद स्थापित रहेगा। विद्यालय स्तर पर भी कंट्रोल रूम सक्रिय रहेंगे, जो सीधे उच्चाधिकारियों से जुड़े होंगे। किसी भी परीक्षा केंद्र पर अनियमितता पाए जाने पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ भी कार्रवाई शामिल हो सकती है।



