मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर फिसलती रफ्तार पर जिलाधिकारी सख़्त

गाजियाबाद। महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट में शुक्रवार को जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड जिला अनुश्रवण पुस्तिका (विकास कार्यों से संबंधित) दिसंबर माह की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के विकास कार्यों की प्रगति, योजनाओं के क्रियान्वयन और विभागीय प्रदर्शन की विस्तार से समीक्षा की गई। समीक्षा पुस्तिका में प्रदर्शित कुल 85 बिंदुओं में से 8 बिंदु जनपद से संबंधित नहीं पाए गए, जबकि शेष बिंदुओं में 56 को ‘ए ग्रेड, 2 को ‘बी ग्रेड, 10 को ‘सी ग्रेड और 9 को ‘डी ग्रेड प्राप्त हुआ। इस पर जिलाधिकारी ने बी, सी और डी ग्रेड प्राप्त करने वाले विभागों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए स्पष्ट कहा कि कार्यशैली में तत्काल सुधार किया जाए और विभागीय योजनाओं की दैनिक मॉनीटरिंग सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पीएम सूर्य घर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को इसका लाभ दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि सोलर पैनल न केवल विद्युत पर निर्भरता कम करते हैं, बल्कि दीर्घकालिक रूप से आर्थिक और पर्यावरणीय दृष्टि से भी लाभकारी हैं, इसलिए आमजन को इस दिशा में जागरूक करना आवश्यक है। उन्होंने फैमिली आईडी के लंबित मामलों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि जिन परिवारों की फैमिली आईडी अब तक नहीं बनी है, उन्हें शीघ्रता से शामिल किया जाए। इसके साथ ही डीडी कृषि के माध्यम से ग्रामवार जिम्मेदारी सौंपते हुए फार्मर रजिस्ट्री के शेष किसानों का पंजीकरण जल्द से जल्द पूर्ण कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने आरटीई के अंतर्गत दाखिलों, आयुष्मान कार्ड, फार्मर रजिस्ट्री, सरकारी आवास योजना, पेयजल योजना, छात्रवृत्ति एवं आपूर्ति विभाग से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी प्रचार पर जोर देते हुए कहा कि सिर्फ योजनाएं चलाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र लाभार्थियों तक उनका लाभ पहुँचना ही असली सफलता है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे लोगों को अधिक से अधिक आवेदन करने के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों से भी अपील की कि वे अपने क्षेत्रों में ऐसे पात्र लोगों को चिन्हित करें, जिन्हें अभी तक योजनाओं का लाभ नहीं मिला है, और उन्हें जानकारी देकर आवेदन की प्रक्रिया में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि आपके सहयोग से किसी जरूरतमंद के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकता है। जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अपने-अपने विभागों की प्रगति की निरंतर निगरानी करें और निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप गुणवत्ता के साथ समयबद्ध कार्य पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अखिलेश मोहन, परियोजना निदेशक प्रदीप पाण्डेय, जिला विकास अधिकारी प्रज्ञा श्रीवास्तवा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।



