नए साल पर अयोध्या, मथुरा और काशी में भक्तों की भारी भीड़, बने नए रिकॉर्ड

उत्तर प्रदेश: नए साल के पहले दिन उत्तर प्रदेश के अयोध्या, मथुरा, काशी और मिर्जापुर के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भगवान राम, श्रीकृष्ण और माता विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए लाखों की संख्या में भक्त मंदिर परिसरों में पहुंचे।
अयोध्या: रामलला के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
अयोध्या में भगवान राम के दर्शन के लिए नववर्ष की पूर्व संध्या से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। राम जन्मभूमि पथ पर भक्तों की कतारें रातभर लगी रहीं। अधिकारियों के अनुसार, बुधवार सुबह तक करीब तीन लाख लोग रामलला के दर्शन कर चुके थे। शहर में भीड़ प्रबंधन के लिए 24 जोन और सात सुरक्षा सेक्टर बनाए गए थे। हनुमान गढ़ी और अन्य प्रमुख मंदिरों में भी पूरे दिन भक्तों का तांता लगा रहा।
काशी: विश्वनाथ धाम में बना नया रिकॉर्ड
वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में भी श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ उमड़ी। मंदिर प्रशासन के अनुसार, 31 दिसंबर से ही भक्तों की संख्या में भारी इजाफा देखा गया, और 1 जनवरी को करीब सात लाख लोगों ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए। भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गर्भगृह में प्रवेश पर प्रतिबंध और स्पर्श दर्शन पर रोक लगाई गई। सुरक्षा के लिए पांच सेक्टरों और 45 ड्यूटी पॉइंट पर पुलिस बल तैनात किया गया।
मथुरा और वृंदावन: कृष्ण की नगरी में नववर्ष का उल्लास
मथुरा और वृंदावन के मंदिरों में भी नववर्ष के पहले दिन भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। बांके बिहारी मंदिर और द्वारकाधीश मंदिर में विशेष आरती का आयोजन किया गया। वृंदावन में मदन मोहन मंदिर में भगवान को विशेष पोशाक पहनाई गई और श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से पूजा-अर्चना की।
मिर्जापुर: मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब
मिर्जापुर के विंध्याचल धाम में भी आधी रात से ही श्रद्धालु दर्शन के लिए जुटने लगे। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बताया कि शाम तक 1.5 लाख से अधिक भक्त दर्शन कर चुके थे। बेहतर प्रबंधन के लिए प्रशासन और स्थानीय पंडों की प्रशंसा की गई।
प्रमुख सुरक्षा इंतजाम
हर मंदिर और धार्मिक स्थल पर भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया। भीड़ प्रबंधन के लिए ड्रोन कैमरों और त्वरित प्रतिक्रिया दलों की व्यवस्था की गई। स्थानीय प्रशासन ने यातायात नियंत्रण और भीड़भाड़ से बचने के लिए वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया।