दूधेश्वर धाम में तीसरे दिन संत भोजन-प्रसाद भंडारे में देशभर से जुटे हजारों संत-अभिषेक, पूजन और दक्षिणा के साथ दोपहर एक बजे संपन्न हुआ संत भंडारा

गाजियाबाद। प्राचीन एवं ऐतिहासिक श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में आयोजित चार दिवसीय होली महोत्सव के तीसरे दिन गुरुवार को संत भोजन-प्रसाद भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से पधारे हजारों संतों ने सहभागिता कर प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर परिसर भक्ति, श्रद्धा और संतों के सानिध्य से आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत दिखाई दिया।
उर्ध्वाम्नाय श्री काशी सुमेरू पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य अनंत श्रीविभूषित स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती के पावन सानिध्य तथा मंदिर के पीठाधीश्वर, जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज की अध्यक्षता में प्रात: भगवान दूधेश्वर की विधिवत पूजा-अर्चना और अभिषेक किया गया। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती महाराज ने कहा कि श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर का होली महोत्सव अपने आप में अत्यंत दिव्य और भव्य आयोजन है, जो प्रत्येक श्रद्धालु को धर्म, भक्ति, आस्था और श्रद्धा के रंग में रंग देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ करते हैं और भारतीय संस्कृति की जड़ों को मजबूत बनाते हैं। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि दूधेश्वर धाम में प्राचीन काल से ही होली महोत्सव की परंपरा चली आ रही है। यह आयोजन आपसी सौहार्द, भाईचारे और सामाजिक एकता की मिसाल कायम करता है तथा भक्तों के जीवन में नई ऊर्जा और नई चेतना का संचार करता है। दिल्ली संत महामंडल के महामंत्री महामंडलेश्वर नवल किशोर दास महाराज ने कहा कि महाराजश्री के मार्गदर्शन में दूधेश्वर मंदिर आज धर्म, श्रद्धा और विश्वास का संगम बन चुका है। जूना अखाड़े के सचिव महामंडलेश्वर कंचन गिरि महाराज और कोषाध्यक्ष महंत धीरेंद्र पुरी महाराज ने भी महोत्सव को भक्तों के जीवन में आनंद और आध्यात्मिक रंग भरने वाला बताया। भोजन-प्रसाद भंडारे में शामिल सभी संतों को श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने दक्षिणा भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर जूना अखाड़े और दिल्ली संत महामंडल के अनेक संत-महात्मा, साध्वी विष्णुप्रिया महाराज वृंदावन सहित बड़ी संख्या में धर्माचार्य उपस्थित रहे। श्री दूधेश्वर वेद विद्या संस्थान के आचार्यों और विद्यार्थियों तथा श्री दूधेश्वर श्रृंगार सेवा समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल ने अपनी टीम के साथ संतों की सेवा-सत्कार में सक्रिय भूमिका निभाई। दोपहर एक बजे संत भोजन-प्रसाद भंडारा विधिवत संपन्न हुआ। चार दिवसीय होली महोत्सव का यह तीसरा दिन धर्म, भक्ति और संत परंपरा की अद्भुत छटा बिखेरता हुआ श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय बन गया।



