दिल्ली पब्लिक स्कूल मोदीनगर ई–कचरा प्रबंधन हेतु जनजागरूकता रैली का आयोजन

मोदीनगर,( अनिल वशिष्ठ)। दिल्ली पब्लिक स्कूल मोदीनगर द्वारा इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई–कचरा) के समुचित प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से एक जागरूकता रैली का सफल आयोजन किया गया। यह रैली एन एच 58 स्थित अंशल सुशांत सिटी मेरठ में आयोजित की गई। रैली में कक्षा 3 से लेकर कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया । रैली का नेतृत्व विद्यालय के हेडमास्टर श्री अंकित गालयान ने किया। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने हाथों में आकर्षक पोस्टर एवं तख्तियाँ लेकर समाज को ई–कचरे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया। विद्यार्थियों द्वारा “ई–कचरा कम करें”, “पुनः उपयोग अपनाएँ”, “पुनर्चक्रण से पर्यावरण बचाएँ” तथा “पर्यावरण की रक्षा, भविष्य की सुरक्षा” जैसे प्रभावशाली नारों के माध्यम से जनमानस को जागरूक किया गया। विशेष रूप से, विद्यार्थियों द्वारा जनजागरूकता के उद्देश्य से एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का भी मंचन किया गया। नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि इलेक्ट्रॉनिक कचरे को लापरवाही से फेंकना पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य दोनों के लिए हानिकारक है। बच्चों के सशक्त अभिनय और सारगर्भित संवादों ने उपस्थित नागरिकों को गहराई से प्रभावित किया तथा उन्हें ई–कचरे के उचित प्रबंधन के लिए प्रेरित किया। वहाँ के निवासियों ने इस कार्यक्रम में पूरे उत्साह और जोश के साथ भाग लिया और कार्यक्रम को सफल बनाने में पूर्ण सहयोग किया । इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकगण श्रीमति मुकेश चौधरी, सागर शर्मा के साथ अन्य शिक्षक भी उपस्थिति रहे। सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया तथा पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। रैली के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के अनुपयोगी हो जाने पर उन्हें इधर-उधर फेंकने के स्थान पर उचित पुनर्चक्रण प्रक्रिया अपनाना आवश्यक है। विद्यालय की ट्रस्टी श्रीमती अनीशा गांधी ने इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इससे न केवल पर्यावरण प्रदूषण कम होगा, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी संभव होगा। विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ ज्योति सिरोही ने इसे सामाजिक उत्तरदायित्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। रैली के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के अनुपयोगी हो जाने पर उन्हें इधर-उधर फेंकने के स्थान पर उचित पुनर्चक्रण प्रक्रिया अपनाना अत्यंत आवश्यक है। यह रैली विद्यार्थियों की पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता एवं सामाजिक जागरूकता का प्रेरणादायी उदाहरण सिद्ध हुई।



