आध्यात्म

धूमधाम से सम्पन्न हुआ गो. चतुवेर्दी मनहरलाल शास्त्री महाराज का 21 वां तिरोभाव महोत्सव

वृन्दावन। छटीकरा रोड़ स्थित प्रियाकांत जू मन्दिर के सभागार में अध्यात्म गौसेवा मिशन ट्रस्ट (रजि.) के द्वारा परम् भागवत गो. चतुवेर्दी मनहरलाल शास्त्री महाराज का 21 वां तिरोभाव महोत्सव श्रीविभूषित जगद्गुरु श्रीमद्विष्णुस्वामी वल्लभाचार्य महाप्रभु संप्रदाय वैष्णवाचार्य मोटा मन्दिर, गादीपति सौमयाजी षष्ठपीठाधीश्वर गोस्वामी वल्लभराय महाराज के पावन सानिध्य में अत्यन्त श्रद्धा एवं धूमधाम के साथ सम्पन्न हुआ।सर्वप्रथम गो. चतुवेर्दी मनहरलाल शास्त्री महाराज के चित्रपट के समक्ष वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य दीप प्रज्वलित किया।तत्पश्चात मंगलाचरण के साथ वृहद संत-विद्वत सम्मेलन प्रारम्भ हुआ।जिसकी अध्यक्षता करते हुए षष्ठपीठाधीश्वर गोस्वामी वल्लभराय महाराज ने कहा कि गो. चतुवेर्दी मनहरलाल शास्त्री महाराज वेद, पुराण, उपनिषद व शास्त्र आदि समस्त धर्म ग्रंथों के प्रकांड विद्वान थे।उन्होंने अपने संप्रदाय के उन्नयन व संवर्धन के लिए अनेकों कार्य किए।जिसके लिए वे सदैव याद किए जाएंगे। पीपाद्वाराचार्य श्रीमज्जगद्गुरु बाबा बलराम दास देवाचार्य महाराज व जगद्गुरु विजयराम देवाचार्य भैयाजी महाराज (बल्लभगढ़ वाले) ने कहा कि गो. चतुवेर्दी मनहरलाल शास्त्री महाराज अत्यंत सहज, सरल, उदार व्यक्तित्व के थे।इसीलिए सभी संप्रदायों के विद्वान उनका आदर करते थे। पुष्टि मार्ग संप्रदाय के परम् विद्वान बसंत लाल महाराज व पूर्व प्राचार्य डॉ. रामकृपालु त्रिपाठी ने कहा कि गो. चतुवेर्दी मनहरलाल शास्त्री महाराज की ठाकुर श्रीराधा-कृष्ण और यमुना महारानी के प्रति अपार निष्ठा थी।वे नित्य इनकी उपासना करते थे। महोत्सव के संयोजक गौभक्त पंकज शास्त्री महाराज एवं भागवताचार्य श्रीहरि वर्षा कौशल ने कहा कि हमारे शिक्षा गुरु गो. चतुवेर्दी मनहरलाल शास्त्री महाराज अपने समस्त शिष्यों की एक माता की भांति देखभाल करते थे।उनके द्वारा वेद अध्ययन करने वाले सैकड़ों शिष्य आज विश्वभर में सनातन धर्म की पताका पहरा रहे हैं। सन्त-विद्वत सम्मेलन में महामंडलेश्वर स्वामी डॉ. आदित्यानन्द गिरि महाराज, गोवर्धन के विधायक पूरन प्रकाश, प्रख्यात साहित्यकार डॉ. गोपाल चतुवेर्दी, प्रमुख समाजसेवी पण्डित बिहारीलाल वशिष्ठ, भागवताचार्य मारुतिनन्दन वागीश महाराज, आचार्य नेत्रपाल शास्त्री, आचार्य बद्रीश महाराज, डॉ. अशोक शास्त्री, लालजी शास्त्री, स्वामी सत्यमित्रानंद महाराज, आचार्य विपिन बापू, श्रीराम कथा मर्मज्ञ अशोक व्यास, सौरभ गौड़, ठाकुर महेंद्र प्रताप सिंह (एडवोकेट), पण्डित योगेश द्विवेदी, संत रामदास महाराज, दिनेश शर्मा फलाहारी, श्रीमती प्रतिभा शर्मा, श्रीमती विनीता द्विवेदी, श्रीमती जमुना शर्मा, डॉ. राधाकांत शर्मा, पण्डित ईश्वरचन्द्र रावत, श्रीधराचार्य महाराज आदि के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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