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राष्ट्रपति पर महाभियोग / अमेरिका में रह रहे भारतीयों की राय: ट्रम्प को लोगों का भावनात्मक समर्थन, मीडिया की बनाई छवि पर भरोसा नहीं

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डोनाल्ड ट्रम्प के महाभियोग प्रस्ताव पर दैनिक भास्कर ने अमेरिका में हिंदी समन्वय समिति के सदस्य प्रवीण राय और मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत विवेक श्रीवास्तव से बात की

‘अमेरिकी मानते हैं कि बेहतर इकोनॉमी देश के लिए अच्छी, ‘अमेरिका फर्स्ट’ पॉलिसी को भी ज्यादातर लोगों का समर्थन, चीन को ट्रेड डील के लिए मजबूर करना फायदेमंद’

शिकागो/फिलाडेल्फिया. अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव ने बुधवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर महाभियोग चलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसको लेकर अमेरिका में लोगों की क्या राय है, दैनिक भास्कर ने अमेरिका में रह रहे भारतीयों से बात की। अमेरिका में काम कर रही हिंदी समन्वय समिति के सदस्य प्रवीण राय ने बताया कि लोग ट्रम्प का भावनात्मक रूप से समर्थन कर रहे हैं। लोग उनकी नीतियों से खुश हैं। वहीं, नामी मल्टीनेशनल कंपनी में काम कर रहे विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि ज्यादातर लोगों को ट्रम्प की मीडिया द्वारा बनाई गई छवि पर भरोसा नहीं है। 


बदलाव ट्रम्प के फेवर में: प्रवीण राय

‘‘नवंबर में सीएनएन का जो सर्वे था, उसमें 52 फीसदी लोगों ने ट्रम्प के खिलाफ महाभियोग का समर्थन किया था, जबकि 48 फीसदी ट्रम्प के साथ खड़े थे। इसमें ज्यादा से ज्यादा 5% के अंतर की आशंका जताई गई थी। वोटिंग से पहले हुए सर्वे में महाभियोग के पक्ष में घटकर लोग 46% हो गए। यानी कहीं न कहीं भावनाएं जुड़ने से लोग ट्रम्प की तरफ आए हैं। 6% का यह बदलाव छोटा लग सकता है, लेकिन कुछ महीनों के अंतराल में देखा जाए, तो आरोपी बने रहने के बावजूद बदलाव ट्रम्प के पक्ष में है।’’

‘‘ट्रम्प बिजनेस बढ़ा रहे हैं, नौकरियां पैदा कर रहे हैं, इसलिए लोगों की भावनाएं उसके साथ ज्यादा जुड़ी हैं। सीएनएन का सर्वे भी कहता है कि 45% लोग मानते हैं कि ट्रम्प नौकरियां ला रहे हैं। पहले 39% ऐसा मानते थे। लोग यह भी कहते हैं कि इकोनॉमी बेहतर होना ओवरऑल अमेरिका के लिए बेहतर है। ट्रम्प की ‘अमेरिका फर्स्ट पॉलिसी’ को भी लोगों का समर्थन है।’’

भारतीय समुदाय भी ट्रम्प का विरोधी नहीं

‘‘यहां रह रहे भारतीयों का कोई राजनीतिक झुकाव नहीं है। उन्हें फर्क नहीं पड़ता कि ट्रम्प के खिलाफ लाए महाभियोग प्रस्ताव का क्या हुआ। हालांकि, समुदाय के कुछ लोग मानते हैं कि ट्रम्प ने वीजा को लेकर बवाल किया है। वे इस पर भी उनके विरोध में नहीं हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि वीजा और अप्रवासी जैसे मुद्दे हर देश की डिमांड और सप्लाई पर निर्भर हैं। अमेरिका को जितने वर्कफोर्स की जरूरत होगी, ट्रम्प उसी हिसाब से अपनी पॉलिसी बनाएंगे। लिहाजा भारतीयों के लिए वीजा पर ट्रम्प के फैसले का बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ता।’’

चीन के साथ ट्रेड वॉर का ट्रम्प को फायदा

‘‘अमेरिकियों के लिए व्यापार में फायदा ही असली है। चीन काफी समय से अपने उत्पाद तो अमेरिका में सप्लाई कर रहा था, लेकिन उनके प्रोडक्ट को अपने बाजार में जगह नहीं दे रहा था। ट्रम्प ने चीन पर नकेल कसते हुए उसे नई ट्रेड डील के लिए मजबूर किया। उम्मीद की जा रही है कि इससे अमेरिकी उत्पादों को चीन में ज्यादा बाजार मिलेगा। अमेरिकी जनता कूटनीतिक और व्यापार मामलों में चीन को चुनौती मानते हैं और इस मामले में ट्रम्प के कदमों को लोगों का समर्थन हासिल है।’’ 

 ‘‘सीनेट में महाभियोग प्रस्ताव पास नहीं होने के बाद ट्रम्प बाइज्जत बरी हो जाएंगे। वे इतिहास की किताबों में जगह पा लेंगे। उन्हें लोग इस रूप में याद करेंगे कि राष्ट्रपति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। अगले साल राष्ट्रपति चुनाव में उन्हें फायदा मिल सकता है, लेकिन इसके लिए हमें नवंबर 2020 तक इंतजार करना पड़ेगा।’’

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