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अमेरिका में शरण के लिए निकले बाप- बेटी की मैक्सिको बॉर्डर पर नदी में डूबने से मौत, बेबस मां देखती रही || WI NEWS

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अल सल्वाडोर के अलबर्टो 23 महीने की बेटी को अच्छी परवरिश देने और घर बनाने के लिए पैसे कमाने निकले थे.

अलबर्टो एक बार बेटी को नदी पार करा चुके थे, दोबारा उसे बचाने में डूबे.

वॉशिंगटन. अल सल्वाडोर के ऑस्कर अलबर्टो मार्टिनेज रामिरेज बेटी वालेरिया के लिए एक बेहतर जिंदगी की तलाश में अमेरिका जा रहे थे, पर पिता-बेटी दोनों रियो ग्रांडे नदी में डूब गए। अलबर्टो 23 महीने की बेटी को अपनी टी-शर्ट में फंसाकर नदी दोबारा पार कर रहे थे, बेटी ने उनके गले में हाथ डालकर पकड़ा हुआ था।

अमेरिका में शरण पाने की कोशिश में थे अलबर्टो 
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अलबर्टो लंबे समय से अमेरिका में शरण पाने की कोशिश में लगे थे। वह अमेरिकी अधिकारियों के सामने खुद को पेश करने में सफल नहीं हो पा रहा था। अलबर्टो रविवार को बेटी वालेरिया और पत्नी तानिया वानेसा अवालोस के साथ नदी पार कर अमेरिका के लिए निकले थे। 

अलबर्टो पहली बार में बेटी को लेकर नदी पार भी कर चुके थे। वह बेटी को नदी तट पर खड़ा कर पत्नी तानिया को लेने के लिए वापस जा रहे थे पर उन्हें दूर जाते देख बेटी पानी में कूद गई, तो अलबर्टो बेटी को बचाने के लिए लौटे और उसे पकड़ लिया। पर दूसरी बार पानी के तेज बहाव में दोनों बह गए।

दादी ने कहा- वे दो महीने पहले घर से निकले थे

अलबर्टो की मां रोजा रामिरेज कहती है कि मैंने उन्हें घर छोड़कर अमेरिका जाने से मना किया था, पर वे नहीं माने। अलबर्टो घर बनाने के लिए पैसा कमाने और बेटी को बेहतर जिंदगी देने के लिए अमेरिका जा रहा था। मुझे लगता है कि बेटी ने छलांग लगाकर अलबर्टो तक पहुंचने की कोशिश की, पर जब तक अलबर्टो उसे पकड़ पाते, वह काफी दूर निकल गई थी। वह बाहर नहीं निकल पाई और अलबर्टो ने उसे अपनी शर्ट में डाल दिया। अलबर्टो ने खुद से कहा होगा कि मैं बहुत दूर आ गया हूं, इसलिए उसने बेटी के साथ ही जाने का फैसला किया।

जहां पिता-बेटी डूबे, वहां डेढ़ किमी दूर पुल है

पिता और बेटी का शव मैक्सिको के माटामोरोस में मिला, जो अमेरिका के टेक्सास सीमा से 100 गज की दूरी पर है। यहां से करीब डेढ़ किमी की दूरी पर एक अंतरराष्ट्रीय पुल है, जो अमेरिका और मैक्सिको को जोड़ता है।मैक्सिको के राष्ट्रपति एंड्रयूज मैनुअल लोपेज कहा है कि ऐसी घटना का होना बहुत अफसोस की बात है। अमेरिका द्वारा शरणार्थियों को स्वीकार नहीं करना ठीक नहीं है, क्योंकि ऐसे तमाम लोग अमेरिका जाने की चाह में रेगिस्तान या नदी में अपनी जिंदगी खो देते है

तस्वीर जिसे दुनिया नहीं भूली
पिता-बेटी की इस तस्वीर ने 2015 में सीरिया के शरणार्थी संकट की यादें ताजा कर दी हैं, जब तुर्की में समुद्र किनारे बच्चे एलन कुर्दी के शव को देख पूरी दुनिया भावुक हो गई थी।

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