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पुलिस में ठेके की भर्तियों पर गरमाई सियासत, कांग्रेस ने उठाए सवाल

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पुलिस में ठेके की भर्तियों पर गरमाई सियासत, कांग्रेस ने उठाए सवाल

हरियाणा में ठेके पर पुलिस में भर्ती को लेकर राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस पर सवाल उठाते हुए सरकार के खिलाफ माेर्चा खोल दिया है।

चंडीगढ़: कांग्रेस ने हरियाणा में पुलिस महकमे में अनुबंध आधार पर नियुक्तियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।  साढ़े पांच हजार रिटायर्ड हेड कांस्टेबल और इंस्पेक्टरों को ठेके पर रखने के डीजीपी बीएस संधू के प्रपोजल पर अभी मुख्यमंत्री की मुहर लगनी बाकी है, लेकिन राहुल गांधी की टीम पहले ही इसके खिलाफ मैदान में उतर आई है।

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नजदीकियों में शुमार पार्टी के प्रदेश महासचिव वीरेंद्र सिंह राठौर, पूर्व विधायक अनिल धंतौड़ी और युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हिम्मत सिंह ने कहा कि पुलिस विभाग का निजीकरण किसी सूूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। पुलिस महकमे में अनुबंध आधार पर भर्तियां करने से प्रदेश की बदहाल कानून व्यवस्था और बिगड़ जाएगी। वहीं पुलिस कर्मचारी और अधिकारी निष्पक्ष काम नहीं कर सकेंगे।

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पुलिस विभाग में 15 हजार पद खाली

पुलिस महकमे में इस समय 15 हजार से अधिक पद खाली हैं। कांग्रेसियों का तर्क है कि नियमित भर्ती की बजाय ठेके पर नियुक्तियों से युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते पूरी तरह से बंद हो जाएंगे। 58 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त हो चुके लोगों को अगर कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी तो प्रदेश की सुरक्षा किस तरह से होगी, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

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उनका कहना है कि इसके अलावा पुलिस कर्मचारियों की पदोन्नतियां रुक जाएंगी जिससे उनका मनोबल गिरेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस के निजीकरण की बजाय पक्की नियुक्तियां की जाएं। साथ ही विगत साढ़े तीन साल में हुई भर्तियों पर सरकार श्वेतपत्र जारी करने की मांग की ताकि पता चले कि कितने युवाओं को अभी तक रोजगार मिला है।

गेस्ट टीचरों की भर्ती से सबक ले सरकार

वीरेंद्र राठौर, हिम्मत सिंह और अनिल धंतौड़ी ने सरकार को गेस्ट टीचरों के मामले से सबक लेने की सलाह दी है। अपनी ही पार्टी की पूर्व हुड्डा सरकार के समय हुई इन भर्तियों को विवाद की जड़ करार देते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार भी इसी नक्शे कदम पर चली तो भविष्य में कई तरह की कानूनी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

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